आंदोलन में देखा था जिस ‘स्वराज’ का सपना, दिल्ली में रखी उसकी नींव !

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लोकतंत्र का मतलब हर पांच साल में एक बार अपना नेता चुनना और अगले पांच साल छोटे-छोटे कामों के लिए भी उसके सामने गिडगिडाते रहना नहीं है इसलिए दिल्ली में केजरीवाल सरकार स्वराज लाकर सत्ता की बागडोर खुद जनता के हाथों में सौंप रही है।

आंदोलन के दौरान अरविंद ने जिस स्वराज के सपने दिखाए थे उसको सत्ता में आने के बाद लागू भी कर रहे हैं। देश में पहली बार केजरीवाल सरकार ने मोहल्ला सभा और सिटीजन फंड के जरिये सत्ता की बागडोर खुद जनता के ही हाथों में सौंपने की नेक पहल की है।

CM केजरीवाल ने NDMC में नई शुरुआत करते हुए 10 करोड़ ₹ के ‘सिटीजन फंड’ की घोषणा की है। अब वहां के क्षेत्रीय निवासी मीटिंग करके फैसला करेंगे कि उन्हें इस बजट का इस्तेमाल किन विकास कार्यों में करना है। इसमें किसी भी प्रकार की राजनैतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं होगा, जनता का फैसला ही सर्वोपरि होगा।

सिटीजन फंड के लिए मीटिंग की जाएगी और मीटिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होगी। मीटिंग के दौरान ये चर्चा होगी कि क्षेत्र में कौन-कौन से काम होने चाहिए। उन कामों की एक लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद उन कामों की प्राथमिकता तय करने के लिए वोटिंग कराई जाएगी। ये प्राथमिकता सूची एनडीएमसी को भेजी जाएगी जो विभिन्न कामों का इस्टीमेट तैयार करवाएगी और स्थानीय निवासियों द्वारा तय की गई प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न विकास कार्यों को करवाएगी।

साथ एक एक अनोखी पहल करते हुए केजरीवाल सरकार पूरी दिल्ली में मोहल्ला सभाएं आयोजित करवा रही है। पूरी दिल्ली को 40-50 मोहल्लों में बांटा गया है और प्रत्येक मोहल्ले में मोहल्ला सभा आयोजित की जाती है। हर मोहल्ले के लिए सिटीजन लोकल एरिया डेवलपमेन्ट फंड निश्चित किया गया है। मोहल्ले के लोग अपने मोहल्ले की सभा में इस बजट के पैसे से विकास के काम कराने का फैसला लेते हैं। यहाँ तक कि छोटे-छोटे कार्यो के लिए ठेकेदार का चयन भी मोहल्ला सभा के आदेश पर होता है। इतना ही नहीं, काम ठीक से न होने पर मोहल्ले की सभा में ठेकेदार का पेमेंट भी रोक सकतीं हैं।

मोहल्ले की जिस समस्यायों का समाधान मोहल्ला सभा के पास उपलब्ध सिटीजन – LED फण्ड से नहीं कराया जा सकेगा उन समस्याओं की शिकायत संबंधित विभागों के अधिकारियों को एक मोबाइल एप के जरिये भेजी जाएगी। अधिकारी इन समस्याओं का समाधान एक निश्चित समय-सीमा में करेंगे, जो अधिकारी मोहल्ला सभा में आई शिकायतों का समाधान निश्चित समय सीमा में नहीं कर पाएँगे उनकी शिकायत खुद-ब-खुद मुख्यमंत्री कार्यलय में पहुँच जाएगी। मोहल्ला सभाओं में सरकार की योजनाओ जैसे पेंशन, बीपीएल कार्ड, निवास प्रमाण पत्र इत्यादि पर भी फैसले लिए जा सकते हैं।

 

दिल्ली में चलेगा सिर्फ जनता का शासन यानी सच्चा लोकतंत्र !

 



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