दिल्ली के ग़ाज़ीपुर हादसे में BJP शासित MCD की नाकामी के ख़िलाफ़ AAP का प्रदर्शन, दिल्ली BJP अध्यक्ष मनोज तिवारी के आवास के बाहर ‘आप’ ने किया प्रदर्शन विरोध प्रदर्शन के ज़रिए ‘आप’ पार्षद और कार्यकर्ताओं ने याद दिलाई BJP को MCD में उनकी ज़िम्मेदारी

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मंगलवार को आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के ग़ाज़ीपुर में हाल ही में घटित हुई दुर्घटना में बीजेपी शासित MCD की नाकामी के ख़िलाफ़ दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी के आवास पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के ज़रिए आम आदमी पार्टी के पार्षदों और कार्यकर्ताओंं ने BJP को MCD में उनकी ज़िम्मेदारी की याद दिलाई। विरोध प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ तीनों निगमों में नेता विपक्ष और आम आदमी पार्टी के सभी पार्षदों ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के पार्षदों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया।

इस विरोध प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के सभी पार्षदों, तीनों निगमों में नेता विपक्ष और कार्यकर्ताओं ने बीजेपी को याद दिलाया कि अगर वक्त रहते बीजेपी ग़ाज़ीपुर लैंडफ़िल साइट के बेहतर रख-रखाव की तरफ़ ध्यान देकर किसी दूसरी लैंडफ़िल साइट का बंदोबस्त पहले ही कर लेती तो ये हादसा पेश नहीं आता। आपको बता दें कि ग़ाज़ीपुर की लैंडफ़िल साइट पर कूड़े के बड़े-बड़े पहाड़ बने हुए हैं जो बीजेपी की नाकामी के चलते सुरक्षा मानकों से कहीं ज्यादा ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं जिसमें से एक कूड़े का पहाड़ ढह कर नीचे की तरफ़ आ गया था जिसमें दबकर दो लोगों की मौत हो गई थी। एमसीडी में पिछले दस साल से शासन कर रही बीजेपी ने पूरी दिल्ली को कूड़ेघर में तब्दील कर दिया है और निगम में अपनी ज़िम्मेदारियां निभाने में बीजेपी पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।

आपको बता दें कि इसी साल हुए दिल्ली नगर निगम के चुनाव में बीजेपी के दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली की जनता से यह वादा किया था कि अगर दिल्ली की जनता एमसीडी में बीजेपी को वोट देती है तो बीजेपी 100 दिन में दिल्ली को साफ़ करके दिखा देगी और कूड़े से सम्बंधित सभी परेशानियों को खत्म कर दिया जाएगा। लेकिन बीजेपी शासित एमसीडी की हक़ीक़त ग़ाज़ीपुर के इस हादसे ने बयां कर दी है और रही बात साफ़-सफ़ाई की तो वहां भी एमसीडी शून्य ही साबित हुई है।

दिल्ली में लैंड का अधिकार केंद्र शासित डीडीए के पास है और डीडीए को ही नई लैंडफ़िल साइट के लिए बीजेपी शासित एमसीडी को ज़मीन देनी है। दिल्ली सरकार का ना ज़मीन देने में कोई रोल है और ना ही ज़मीन लेकर लैंडफ़िल साइट बनाने में कोई रोल है। दोनों काम बीजेपी शासित एजेंसियों को करने हैं लेकिन बावजूद इसके ये लोग नई लैंडफ़िल साइट नहीं बना पाए। ये बीजेपी की नाकामी को साबित करता है।

 



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