दिल्ली में हाउस टैक्स माफ़ी के लिए सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष करेगी AAP

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 बढ़े हाउस टैक्स माफ़ी पर ढोंग कर रही है बीजेपी, निगम के अफ़सरों ने इस टैक्स माफ़ी को नकारा
दिल्ली नगर निगम में शासित भारतीय जनता पार्टी अब बढ़े हुए हाउस टैक्स को माफ़ करने का सिवाय ढोंग कर रही है क्योंकि निगम के अफ़सर बीजेपी द्वारा पास कराए गए सदन के इस प्रस्ताव को नहीं मान रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी सदन में बढ़े हाउस टैक्स की माफ़ी को लेकर ग़ैर-संवैधानिक रुप से लाए गए प्रस्ताव पर जनता को गुमराह कर रही है क्योंकि निगम के उनके ही अफ़सर इस प्रस्ताव को मानने से ही इंकार कर रहे हैं। निगम में बैठी बीजेपी जनता को भ्रमित कर रही है। आम आदमी पार्टी ने निगम चुनाव से पहले भी वादा किया था कि पार्टी दिल्लीवासियों का पूरा हाउस टैक्स माफ़ करवाएगी और हम अब भी इसके लिए संघर्ष करते रहेंगे चाहे ये संघर्ष सदन से लेकर सड़क तक ही क्यों ना करना पड़े।
 
पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के पार्षद और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में नेता विपक्ष अब्दुल रहमान ने कहा कि हाल ही में नगर निगम की सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी ग़ैर-संवैधानिक रुप से पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सदन में बढ़े हाउस टैक्स माफ़ी को लेकर एक प्रस्ताव लेकर आई क्योंकि नियम यह कहता है कोई भी प्रस्ताव या बिल सदन में पेश करने से 72 घंटे पहले सभी पार्षदों को देना अनिवार्य होता है जो निगम की सत्ता में बैठी भाजपा ने नहीं किया।
 
दूसरा बिंदु यह कि निगम के सदन में बढ़े हाउस टैक्स को लेकर जो प्रस्ताव पास कराया गया उसे मानने से निगम के उनके ही अफ़सर मना कर रहे हैं और उनका कहना है कि पहले इसे स्टैंडिंग कमेटी से पास करा कर लाया जाए। मतलब साफ़ है कि भारतीय जनता पार्टी बढ़े हाउस टैक्स माफ़ी को लेकर जनता को सिर्फ़ बरगला रही है और जनता को धोखे में रख रही है। आम आदमी पार्टी का हाउस टैक्स माफ़ी को लेकर चुनाव से पहले भी यही कहना था और आज भी यही कहना है कि हर दिल्लीवासी का सारा हाउसटैक्स माफ़ होना चाहिए और हम इसके लिए संघर्ष करते रहेंगे।
 
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सदन में जब आम आदमी पार्टी ने डेंगू-चिकनगुनिया का विषय उठाते हुए महापौर महोदया के समक्ष यह बात रखी कि सबसे ज्यादा इस बीमारी को पैदा करने वाले मच्छर महापौर महोदया के नगर निगम क्षेत्र में पाए गए हैं तो महापौर महोदया का कहना था कि हमने ठेका थोड़े ही लिया है लोगों के घरों का। महापौर महोदया का ऐसा कहना बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि लोगों ने इन्हें वोट देकर निगम की सत्ता में भेजा है और आज बीजेपी के ये नेता दिल्ली की जनता के प्रति इतना ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।
 
प्रेस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के पार्षद और दक्षिण दिल्ली नगर निगम में नेता विपक्ष रमेश मटियाला ने कहा कि जैसे पूर्वी दिल्ली नगर निगम में एक प्रस्ताव ग़ैर-संवैधानिक रुप से लाया गया ठीक उसी तरह से दक्षिण दिल्ली नगर निगम में भी बीजेपी पार्षदों के वेतन और भत्तों में इज़ाफ़े का प्रस्ताव भी इसी तरह से लाया गया जिसकी कोई पूर्व सूचना निगम के पार्षदों को नहीं दी गई। बीजेपी द्वारा पार्षदों के भत्ते बढ़ाने का जो प्रावधान उस प्रस्ताव में रखा गया था वो भी कानून-संगत नहीं था।


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