केजरीवाल सरकार के वो काम जिन्होंने रचा इतिहास !

3
6947

देश को नई राजनीति देने के लिए जन्मी आम आदमी पार्टी ने अपनी पहली 49 दिन की बेमिसाल सरकार के रूप में ही देश के सुनहरे कल की झलक दिखला दी थी। उन्हीं सपनों को पूरा करने के लिये दिल्ली की जनता ने एक बार फिर 2015 में आम आदमी पार्टी को अपार बहुमत के साथ दिल्ली की सत्ता पर काबिज किया।

आप की केजरीवाल सरकार ने आज भारत के इतिहास में पहली बार कई ऐसे फैसले लिए जिनके बारे में किसी ने सोचा तक नहीं था। आइये केजरीवाल सरकार के कुछ उन्हीं अभूतपूर्व कार्यों का अवलोकन करें जिन्हें भारत के इतिहास में सुनहरे पन्नों में दर्ज किया जाएगा :

 

1) शहीद सैनिकों के परिवार को 1 करोड़ ₹ मुआवजा :

सेना के नाम पर सिर्फ राजनीति तो बहुत सी पार्टियां करती आयीं हैं लेकिन केजरीवाल सरकार ने इससे अलग हटकर देश की सुरक्षा में अपनी जान कुर्बान करने वाले सैनिकों को सच्चा सम्मान और उसके पश्चात उनके परिवार का बेहतर भविष्य संरक्षित करने हेतु एक बड़ा फैसला लिया है। अब सरकार दिल्‍ली में रहने वाले तीनों सेनाओं दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल, होमगार्ड और आपदा रेस्क्यू के जवानों की शहादत के बाद, उनके परिवारों के लिए 1 करोड़ ₹ का मुआवजा देगी।

इसके साथ ही युद्ध बंदियों और लापता सैनिकों के परिवारों को 50 हजार ₹/माह की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। हालांकि केंद्र शासित LG ने केजरीवाल सरकार की इस योजना की फाइल को रिजेक्ट कर रोक लगा दी थी लेकिन SC के फैसले के बाद दिल्ली में एक बार फिर से ये योजना लागू हो गयी है।

2) इतिहास में पहली बार बिजली के रेट कम किये :

दिल्ली सरकार देश में सबसे सस्ती बिजली देती है। बिजली पर 50% सब्सिडी देने साथ ही एक बार भी बिजली के दाम बढ़ने नहीं दिए, बल्कि देश में पहली बार बिजली के दाम कम हुए हैं।

बिजली कम्पनियां दिल्ली में काफी समय से बिजली के रेट 5 से 10% तक बढ़ाने की मांग कर रहीं थीं लेकिन इन बिजली कंपनियों से सेटिंग कर बिजली कर रेट बढ़ाने की जगह दिल्ली सरकार ने बिजली के रेट कम कर दिए, जो कि आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार हुआ।

अब दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को मात्र 1 ₹/यूनिट की दर से और 400 यूनिट तक खर्च करने वालों को मात्र 2.5 ₹/यूनिट की दर से भुगतान करना होगा साथ ही 100 यूनिट तक खर्च करने वालों को बिल में 100 ₹ की अतिरिक्त छूट मिलेगी। कई घरों में तो बिजली का शून्य बिल आता है, अपने आप ये में ये केजरीवाल सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।

3) अघोषित बिजली कटौती पर बिजली कम्पनी देगी जनता को हर्जाना :

दिल्ली में 1 घंटे से ज्यादा अघोषित बिजली कटौती पर मिलेगा मुआवजा, देश में पहली बार ऐसा नियम लाया गया है। पहले दो घंट की कटौती पर 50 ₹/घंटे और इससे अधिक समय की कटौती की स्थिति में 100 ₹/घंटे की दर से कंपनी मुआवजा देगी। हर्जाने की रकम उपभोक्ता के मासिक बिजली बिल के साथ एडजस्ट की जाएगी।

अगर किसी उपभोक्ता को मुआवजा नहीं मिलता है तो DERC/ CGRF के मेल ID secyderc@nic.in पर शिकायत कर सकता है। शिकायत सही पाए जाने पर बिजली कंपनी को उपभोक्ता को 5 हजार ₹ या मुआवजे की पांच गुना राशि, दोनों में से जो अधिक हो देनी होगी।

4) आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक :

हर घर तक मुफ्त में बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लक्ष्य के साथ केजरीवाल सरकार द्वारा पहली बार शुरू किए गए मोहल्ला क्लीनिक का डंका आज पूरे विश्व में बज रहा है। स्कॉच अवार्ड जितने वाली केजरीवाल की इस योजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खूब तारीफ मिल रही है।

नोबल पुरस्कार विजेता और UN के पूर्व महासचिव रह चुके कोफी अन्नान, जिनका अभी हाल ही में निधन हुआ, ने AAP सरकार के मोहल्ला क्लीनिक योजना की बहुत तारीफ की। कोफी अन्नान ने केजरीवाल सरकार को पत्र लिखकर सूचित किया कि द एल्डर्स का एक प्रतिनि‌धिमंडल आगामी सितंबर के बीच दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक्स का दौरा करने आएगा।

इन मोहल्ला क्लीनिक्स में मुफ्त इलाज के साथ ही सारे टेस्ट भी फ्री होते हैं और दवाइयां भी फ्री मिलती हैं जिससे ना सिर्फ जनता के पैसे और समय की बचत हो रही है साथ ही बड़े-बड़े अस्पतालों में भी लोड कम हो रहा है।

केजरीवाल सरकार से सीख लेते हुए तेलंगाना ओर झारखण्ड सरकार भी अपने यहां मोहल्ला क्लीनिक्स बनावा रहीं हैं। यही नहीं मोदी सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने भी मोहल्ला क्लीनिक्स की तारीफ करते हुए इस योजना को पूरे देश में लागू करने की सिफारिश की है।

5) प्राइवेट अस्पतालों की लूट पर रोक :

सरकारी अस्पतालों में बेहतरीन सुविधाएं देने के बाद देश में पहली बार इलाज के नाम पर प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी लूट को रोकने को केजरीवाल सरकार लाई कैपिंग पॉलिसी लाई है जिससे मरीज के बिल में आएगी 30 से 40% की कमी। अब अस्पताल पर्चेज प्राइज पर 50% से अधिक का मुनाफा नहीं कमा सकते।

इसके साथ ही अस्पताल आने के 6 घंटे के भीतर मरीज की मौत होने पर 50% और 6 से 24 घंटे के भीतर मौत होने पर 20% बिल माफ करना होगा। इसके अलावा बिल न दे पाने की स्थिति में मरीज के परिजनों को शव देने से इनकार नहीं कर सकते हैं।

6) घायलों का प्राइवेट अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज :

गोल्डन आवर में घायलों की जान बचाने को केजरीवाल सरकार ने ऐतिहासिक आदेश सुनाते हुए फैसला किया कि दिल्ली की सड़कों पर घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति भले ही वो दूसरे राज्य का ही क्यों ना हो उनका प्राइवेट अस्पताल में भी इलाज का पूरा खर्च अब दिल्ली सरकार उठाएगी।

इसके साथ ही आग लगने और एसिड अटैक में घायलों के इलाज का पैसा सरकार वहन करेगी। पीड़ित को इलाज से पहले किसी वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी और घायल व्यक्ति की इनकम चाहे कम हो ज्यादा सरकार की ओर से पीड़ित का तुरन्त मुफ्त इलाज होगा।

सड़क हादसे में घायलों को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को भी 2 हजार ₹ बतौर प्रोत्साहन राशि दिए जाएंगे। केजरीवाल सरकार के इस कदम से घायल को बचाने के लिए लोग आगे आएंगे।

7) Happiness Curriculum :

देश ही नहीं पूरी दुनिया में दिल्ली पहला ऐसा राज्य है जहां स्कूलों में लगती हैं ‘खुशियों की क्लास’। जी, हाँ केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सभी सरकारी में ‘हैप्पीनेस करिकुलम’ शुरू किया है जिसका उद्घाटन स्वयं दलाई लामा ने किया।

दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का मानना है कि शिक्षा के जरिये हम दुनिया में अपराध और नफरत को कम कर सकते हैं। देश के भावी नागरिक बच्चों की नींव को मजबूत कर हम देश के भविष्य को संवार सकते हैं। इसी उद्देश्य के साथ हैप्पीनेस क्लास के जरिये बच्चों को ना सिर्फ खुश रहना सिखाया जा रहा है बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी निखारा जा रहा है साथ ही उन्हें भावनात्मक रूप से भी मजबूत किया जा रहा है जिससे कि वे गुस्सा, नफरत और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक भावनाओं से बचे रहें।

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शुरू किए गए 45 मिनट के इस हैप्पीनेस करिकुलम की विदेशी मीडिया ने भी काफी सराहना की है। इसके लॉन्च होने के 1 महीने के भीतर भी बेहद उम्दा रेस्पॉन्स आने लगा और सैंकड़ों प्राइवेट स्कूलों ने भी अपने यहां हैप्पीनेस करिकुलम शुरू करने के लिए गुजारिश की है।

8) प्राइवेट स्कूलों की बढ़ी हुई फीस वापसी :

आजाद भारत के इतिहास में केजरीवाल सरकार इतिहास में पहली ऐसी सरकार है, जिसने प्राइवेट स्कूलों में अवैध रूप से की जाने वाली फीस बढ़ोतरी को रोका और स्कूलों के खातों के ऑडिट करवा बढ़ी हुई फीस वापस भी करवाई।

9% ब्याज के साथ बढ़ी हुई फीस पेरेंट्स को वापस करने के केजरीवाल सरकार के सख्त आदेश के बाद प्राइवेट स्कूलों ने कार्यवाही के डर से बढ़ी हुई फीस ब्याज सहित जनता को वापस की और कई स्कूलों ने तो अखबारों तक में इश्तिहार देकर फीस वापसी की घोषणा की।

9) सरकारी स्कूलों में ‘Spoken English’ कोर्स :

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर छात्र आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं। जब वे बच्चे CM केजरीवाल से मिले तो उनकी सबसे बड़ी मांग यही थी कि ‘सर, हमें इंग्लिश बोलना सीखवा दीजिये।’ इन मासूमों की मांग पूरी करते हुए पहली बार केजरीवाल सरकार ने ब्रिटिश काउंसिल, इंडिया-मैकमिलन एजुकेशन और ट्रिनिटी कॉलेज लंदन के सहयोग से सभी सरकारी स्कूलों में ‘स्पोकन इंग्लिश’ कोर्स शुरू किया। यहां बच्चों को किताबों से इंग्लिश रटाई नहीं जाती बल्कि खेल-खेल में कहानी-पहेलियों यहां तक कि अंग्रेजी गानों पर नृत्य के जरिये भी बच्चों को अंग्रेजी बोलना सिखाने का अनोखा प्रयास होता है।

10) उच्च शिक्षा हेतु लोन के लिये दिल्ली सरकार देगी गारंटी :

प्रत्येक बच्चे को अच्छी शिक्षा दिलाने को अपना प्रमुख लक्ष्य मानने वाली केजरीवाल सरकार की ओर से अपने आप में पहली बार शुरू की गयी अनूठी पहल।

अब दिल्ली का कोई भी स्टूडेंट पैसों की कमी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा क्योंकि स्टूडेंट्स के लिए केजरीवाल सरकार दे रही बैंक गारंटी। इस योजना के तहत दिल्ली का कोई भी बच्चा देश के किसी भी बड़े से बड़े संस्थान में पढ़ाई कर सकता है और उसकी फीस के लिए 10 लाख ₹ तक के लोन की बैंक गारंटी केजरीवाल सरकार देगी।

11) वल्ड क्लास स्किल सेंटर :

देखने में किसी 5 स्टार होटल या बड़े कॉर्पोरेट हाउस जैसे लगने वाले दिल्ली सरकार के वल्ड क्लास स्किल सेंटर में 12वीं पास बच्चों को 17 प्रोफेशनल कोर्स की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग कराई जाती है। केजरीवाल सरकार की इस बेहतरीन पहल से बच्चों को 100% प्लेसमेन्ट मिलती है और उन्हें रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ता।

12) फ्लाई ओवर बनाने में करोड़ों रुपये बचाये :

जी, हाँ असम्भव सा लगने वाला ये काम दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने सच कर दिखाया है। दिल्ली में तीन फ्लाईओवर के निर्माण को समय से पहले ही पूरा करने साथ ही 350 करोड़ रुपये की बचत की है।

सरकार ने पैसे बचाने के साथ ही नेकदिली दिखाते हुए इन 350 करोड़ रुपयों को जनता की सेवा में ही खर्च करने का फैसला करते हुए पहली बार सरकारी अस्पतालों में जनता को फ्री दवाई, फ्री टेस्ट, प्राइवेट अस्पतालों में फ्री सर्जरी, फ्री MRI जैसी सुविधाएं दीं।

13) किसान आय बढ़ोतरी सोलर योजना :

किसानों को देश में सबसे ज्यादा 50 हजार ₹/एकड़ मुआवजा देने के साथ ही मुख्यमंत्री किसान आय बढ़ोतरी सोलर योजना के जरिये केजरीवाल सरकार ने एक तीर से दो निशाने लगाए हैं। इससे ना सिर्फ दिल्ली के किसानों की आय 3 से 4 गुना बढ़ जाएगी बल्कि दिल्ली वालों को भी और सस्ती बिजली मिलेगी।

इस योजना में निजी कंपनियां किसानों के खेतों में सोलर पैनल लगाएंगी इससे खेती प्रभावित नहीं होगी साथ ही कंपनी किसान को किराए के रूप में 1 लाख ₹/वर्ष का भुगतान करेगी और इस किराए में हर साल 6% का इजाफा होगा। किसान और निजी कंपनियों के बीच 25 साल के लिए अनुबंध होगा। और किराए के साथ किसान को 1000 यूनिट बिजली भी मुफ्त दी जाएगी।

किसान के खेत में तैयार होने वाली बिजली को दिल्ली सरकार 4-5 ₹/यूनिट की दर से खरीदेगी। सरकार अभीतक 9 ₹/यूनिट की दर से बिजली उत्पादन कंपनियों से बिजली खरीदती है। इस योजना के शुरू होने से दिल्ली सरकार को हर साल करीब 400 करोड़ ₹ तक की बचत होगी साथ ही दिल्लीवासियों को सस्ती और क्लीन एनर्जी मुहैया होगी।

14) सरकारी सेवाओं की होम डिलीवरी :

दिल्ली वालों के लिए केजरीवाल सरकार 10 सितम्बर 2018 से शुरू कर रही है सरकारी सेवाओं की होम डिलीवरी। दुनिया में पहली बार लागू होगी ऐसी योजना, ‘शासन में क्रांति’ लाने के साथ होगा ‘भ्रष्टाचार पर प्रहार’ !

पहले दिल्लीवालों को सरकारी काम के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने और घण्टो लाइन में खड़े रहने से निजात दिलाने के लिए केजरीवाल सरकार ने राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस जैसी 100 सरकारी सेवाओं की होम डिलीवरी करने का फैसला किया है। ये योजना जनता को राहत देने के साथ ही भ्रस्टाचार से लड़ने में भी बेहद कारगर साबित होगी। पहले सरकारी कर्मचारी जनता के काम में आनाकानी करते थे और दलाल काम जल्दी कराने का लालच देकर रिश्वत ऐंठते थे।

अब केवल एक फोन कॉल पर आपके बताये समय पर दिल्ली सरकार का एजेंट आपके दरवाजे पर होगा जो ऑनलाइन आपका आवेदन भरने के बाद तय समय के भीतर आपकी सेवा की होम डिलीवरी करेगा। ये सेवा मात्र 50 ₹ में उपलब्ध होगी। इससे जनता के समय, मेहनत की बचत के साथ दलालों से भी मुक्ति मिलेगी।

15) VIP कल्चर की समाप्ति :

यूँ तो आमतौर पर नेता लाल बत्ती की गाड़ी में घूमने और राजसी ठाठ-बाठ मिलने की लालसा में ही चुनाव लड़ते हैं। लेकिन AAP देश की पहली ऐसी पार्टी है जिसने चुनाव से पहले ही इस VIP कल्चर को समाप्त करने घोषणा कर दी थी और जीतने के पश्चात अपने वादे को पूरा भी किया। दिल्ली सरकार की ओर से अपने किसी भी मंत्री या अधिकारी को लाल बत्ती की गाड़ी, या सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई यहां तक कि स्वयं मुख्यमंत्री केजरीवाल भी अपनी गाड़ी से दफ्तर ओर विधानसभा जाते हैं साथ ही देश के अन्य मुख्यमंत्रियों की तरह बड़े आलीशान सरकारी बंगले में भी नहीं रहते।

16) स्लम फ्री दिल्ली :

झुग्गीवालों ने वोट लेकर राजनीति करने वालों को तो बहुत देखा लेकिन केजरीवाल सरकार उनके लिए मसीहा बनकर आयी। सबसे पहले केजरीवाल ने ‘जहां झुग्गी वहां मकान’ योजना शुरू की और झुग्गी मुक्त दिल्ली बनाने के नाम पर सिविल एजेंसियों द्वारा झुग्गियां तोड़ने पर रोक लगाई और आदेश जारी किया कि पहले सरकार द्वारा झुग्गीवासियों को 2 किलोमीटर के दायरे में घर बनाकर बसाया जाएगा तभी झुग्गी हटायी जाएगी।

दिल्ली में सैंकड़ों ऐसी अनधिकृत कालोनियां हैं जहां सड़क, सीवर, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं इनका विकास कर दिल्ली को चमकना केजरीवाल सरकार का प्रमुख एजेंडा है। कई इलाकों में 20 साल बाद पानी आने से जनता में खुशी की लगर है साथ ही सीवर लाइन ढलने से अपने ही घर में शौचालय की सुविधा मिलने से अब जनता को शौच के लिए खुले में भी नहीं जाना पड़ रहा।

17) E-ऑफिस वाला पहला राज्य दिल्ली :

पेपरलैस वर्कस्‍टाइल को मंजूरी देने वाला दिल्ली पहला ऐसा राज्‍य है, जिसकी सरकार के 15 विभाग ई-ऑफिस कॉन्‍सेप्‍ट पर काम कर रहे हैं। केजरीवाल सरकार की ओर से पहले फेज में 15 विभाग रखे गए हैं। इन्‍हें पूरी तरह पेपरलैस करने के साथ ही अन्‍य विभागों में ई-ऑफिस कॉन्‍सेप्‍ट लागू होगा।

18) महिला सुरक्षा पर जस्टिस वर्मा काटजू की सिफारिशें लागू करने वाला पहला राज्य :

दिल्‍ली में निर्भया कांड के बाद दिल्‍ली ऐसा पहला राज्‍य है जिसने जस्टिस जेएस वर्मा कमेटी की सिफारिशों को लागू किया है। महिला सुरक्षा पर दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वर्मा कमेटी की सिफारिशें लागू करने के साथ ही नए नियम बनाए हैं।

19) गवाहों को सुरक्षा देने वाला पहला राज्य दिल्ली :

केजरीवाल सरकार ने ‘दिल्ली गवाह सुरक्षा नीति’ लागू की जिसके जरिये गवाहों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाता है। जिससे जनता को महत्वपूर्ण मामलों में गवाही देने पर जान का डर ना सताए और निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया से पीड़ित को न्याय मिल सके। इसके लिए सरकार ने एक संरक्षण कोष की भी व्यवस्था की है।

20) MLA LAD फंड की ऑनलाइन जानकारी देने वाला पहला राज्य :

दिल्‍ली ऐसा राज्‍य है जहाँ MLA लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड की पूरी जानकारी ऑनलाइन दी जाती है।

चूंकि जनता को ये जानने का पूरा हक है कि उसका टैक्स का पैसा कहाँ ओर किस तरह से इस्तेमाल हो रहा है इसलिए केजरीवाल सरकार ने एमएलएलैड की जानकारी दिल्ली सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन की है।

हाल ही में केजरीवाल सरकार ने क्षेत्रीय स्तर पर विकास कार्यों को गति प्रदान करने के लिए MLA फंड बढ़ाकर 4 करोड़ ₹ कर दिया है। कोई भी व्‍यक्ति दिल्ली सरकार की वेबसाइट से एमएलएलैड संबंधी जानकारी ले सकता है कि उसके क्षेत्र में किस विकास कार्य पर कितना रुपया खर्च हुआ।

21) सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से अपना पानी खुद बनाएगी दिल्ली :

सिंगापुर की तर्ज पर केजरीवाल सरकार दिल्ली में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण करा रही है जिसके जरिये दिल्ली अपना पानी खुद बनाएगा फिर पानी के लिए अन्य राज्यों पर निर्भरता और पानी की किल्लत जैसी तमाम समस्याओं से निजात मिलेगी। इस सीवेज ट्रीटमेंट से निकला पानी मिनरल वाटर जितना ही साफ होगा। उम्मीद है कि इससे अगले दो साल में दिल्ली में 15 से 20% और अगले 5 वर्षों में 50% पानी की उपलब्धता बढ़ जाएगी।

22) पहला हाइड्रो पावर प्लांट :

ग्रीन पॉवर जनरेशन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में पहला हाइड्रो पॉवर प्‍लांट लगाया है, जो हर साल 20 हजार किलोवाट बिजली का उत्‍पादन करेगा। यह अपनी तरह का पहला ऐसा प्‍लांट है जिसमें एसटीपी से ट्रीट होकर आए अवशिष्‍ट द्वारा हाइड्रोलिक टरबाइन को घुमाया जाएगा और इस प्रवाह के कारण उत्पन्न ऊर्जा से बिजली का उत्पादन होगा।

जीवाश्म ईंधन, जैसे :- कोयला, का बिजली उत्पादन में इस्तेमाल करने पर कार्बन डाई-ऑक्साइड बनती है जिससे ग्रीन हाउस इफ़ेक्ट और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या उत्पन्न होती है। इसलिए दिल्ली सरकार ने पॉल्युशन फ्री टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए ग्रीन पावर जनरेशन करेगी साथ ही इसके जरिये दिल्लीवालों को और सस्ती बिजली प्राप्त होगी।

23) बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा :

हर वर्ग की जनता का ख्याल रखते हुए केजरीवाल सरकार ने बुजुर्गों के लिए भी अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत हर साल दिल्ली के 77 हजार सीनियर सिटीजन्स को केजरीवाल सरकार AC बसों में मुफ्त तीर्थ यात्रा कराएगी।

हर विधानसभा से 11,000 वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा पर ले जाया जाएगा नो की अपने साथ एक 18 वर्ष से अधिक उम्र का सहयोगी भी ले जा सकेंगे। तीर्थ यात्रा पर जाने वालों का दिल्ली सरकार 1 लाख का बीमा भी करेगी और खाने-पीने, आने-जाने का पूरा खर्च भी उठाएगी। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

24) सिटीजन फंड और मोहल्ला सभा से के जरिये ‘स्वराज’ की स्थापना :

आंदोलन के दौरान अरविंद ने जिस स्वराज के सपने दिखाए थे उसको सत्ता में आने के बाद लागू भी कर रहे हैं। देश में पहली बार केजरीवाल सरकार ने मोहल्ला सभा और सिटीजन फंड के जरिये सत्ता की बागडोर खुद जनता के ही हाथों में सौंपने की नेक पहल की है।

CM केजरीवाल ने NDMC में नई शुरुआत करते हुए 10 करोड़ ₹ के ‘सिटीजन फंड’ की घोषणा की है। अब वहां के क्षेत्रीय निवासी मीटिंग करके फैसला करेंगे कि उन्हें इस बजट का इस्तेमाल किन विकास कार्यों में करना है। इसमें किसी भी प्रकार की राजनैतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं होगा, जनता का फैसला ही सर्वोपरि होगा।

सिटीजन फंड के लिए मीटिंग की जाएगी और मीटिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होगी। मीटिंग के दौरान ये चर्चा होगी कि क्षेत्र में कौन-कौन से काम होने चाहिए। उन कामों की एक लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद उन कामों की प्राथमिकता तय करने के लिए वोटिंग कराई जाएगी। ये प्राथमिकता सूची एनडीएमसी को भेजी जाएगी जो विभिन्न कामों का इस्टीमेट तैयार करवाएगी और स्थानीय निवासियों द्वारा तय की गई प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न विकास कार्यों को करवाएगी।

साथ एक एक अनोखी पहल करते हुए केजरीवाल सरकार पूरी दिल्ली में मोहल्ला सभाएं आयोजित करवा रही है। पूरी दिल्ली को 40-50 मोहल्लों में बांटा गया है और प्रत्येक मोहल्ले में मोहल्ला सभा आयोजित की जाती है। हर मोहल्ले के लिए सिटीजन लोकल एरिया डेवलपमेन्ट फंड निश्चित किया गया है। मोहल्ले के लोग अपने मोहल्ले की सभा में इस बजट के पैसे से विकास के काम कराने का फैसला लेते हैं। यहाँ तक कि छोटे-छोटे कार्यो के लिए ठेकेदार का चयन भी मोहल्ला सभा के आदेश पर होता है। इतना ही नहीं, काम ठीक से न होने पर मोहल्ले की सभा में ठेकेदार का पेमेंट भी रोक सकतीं हैं।

25) राशन की होम डिलीवरी :

इस देश में किसी ने सोचा भी ना था कि कोई सरकार मुल्क के सबसे गरीब तबके को भी भरपेट भोजन सुनिश्चित करने के लिए स्वंय उनके घर-घर जाकर राशन की होम डिलीवरी कर सकती है। लेकिन केजरीवाल सरकार ने ना सिर्फ ऐसा सोच बल्कि इसे हकीकत में बदलने को पूरी तैयारी भी कर ली है।

इस योजना में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिये घर-घर राशन पहुंचाया जाएगा। बायोमेट्रिक सिस्टम लाभार्थी को अपने अंगूठे की छाप, तस्वीर और आधार संख्या के माध्यम से पहचान लेगा, जबकि वेंडिंग मशीन लाभार्थी को आवंटित राशन का वितरण करेगी।

पिछले 10 सालों पर CAG की जांच रिपोर्ट में ये साबित भी हुआ कि दिल्ली में राशन पर बड़ी मात्रा में धांधली हो रही है। और स्वयं CAG ने इस बात मोहर लगाई है कि राशन घोटाला रोकने के लिए केजरीवाल सरकार की राशन होम डिलीवरी योजना सबसे कारगर साबित होगी। इसके बावजूद मोदी सरकार द्वारा संचालित LG ने इस योजना को पास करने से इनकार कर दिया।

स्वयं मोदी सरकार अन्य राज्यों से केजरीवाल सरकार की राशन डोर स्टेप डिलीवरी योजना को लागू करने का आदेश दे रही हैं लेकिन दिल्ली में इस योजना को लागू नहीं होने दे रही क्योंकि उसके वोट कट जाएंगे। खैर, जैसे उपरोक्त अन्य योजनाओं को केजरीवाल ने लड़-लड़कर पास कराया है वैसे ही राशन की डोरस्टेप डिलीवरी भी करवाएंगे और राशन में घोटाला बन्दकरवाकर जनता को उसका हक भी दिवाएँगे।

एक आधे राज्य के एक चौथाई मुख्यमंत्री केजरीवाल ने केंद्र शासित LG के लाख अड़ंगों के बावजूद इतने कम समय में इतनी अधिक उपलब्धियां हांसिल करके साबित कर दिया है कि देश में बदलाव लाने के लिए पैसों की नहीं साफ नियत की जरूरत है। और जब आप सचाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हैं तो ब्रह्मांड की सारी शक्तियां आपकी मदद करती हैं।

 

 

 

 



Important :   *This is a personal blog. All content provided on this blog is for informational purposes only. The owner of this blog makes no representations as to the accuracy or completeness of any information on this site.    

3 COMMENTS

  1. दिल्ली सरकार की सेवा देखते हुए यह कहा जाय कि केजरीवाल जी एक अवतार के रूप मे हिनदुसतान को मिला है,कोई ग़लत नही है। जो लोग उनका विरोध कर रहे है निश्चय ही वे स्वार्थी एवं देश द्रोही कहलाने के लायक है।याद रहे,कौरवों की सांख्या पांडवों से जयादा थी लेकिन जीत पांडवों की हुई।जय हिन्द ।

Leave a Reply