दिल्ली बजट के आंकड़ों से खुली मनोज तिवारी के झूठे दावों की पोल। केजरीवाल ने मीडिया से की अपील मनोज तिवारी के सफेद झूठ का सच सारी जनता को TV पर भी बताएं।

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नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष मनोज तिवारी का अरविंद केजरीवाल की सरकार को लेकर किया वह दावा झूठा निकला है, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र से साल 2014 में बजट के तौर पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को 36,776 करोड़ रुपए मिले, जबकि इस साल उसे 48 हजार करोड़ रुपए हासिल हुए। दिल्ली बीजेपी मुखिया की यह टिप्पणी सीएम केजरीवाल के उस ट्वीट पर आई थी, जिसमें उन्होंने केंद्र और एमसीडी की सरकार पर दिल्ली में कई समस्याएं पैदा करने का आरोप लगाया था।

वहीं, वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए बजट के आंकड़ों के अनुसार, 2014-15 में दिल्ली सरकार को 325 करोड़ रुपए केंद्र से अनुदान के रूप में मिले थे। यह रकम केंद्रीय करों का हिस्सा थी। वहीं, 22 मार्च 2018 को मनीष सिसोदिया द्वारा पेश किए गए बजट के मुताबिक केंद्र ने दिल्ली को कुल 775 करोड़ रुपए आवंटित किए थे, जिसमें 450 करोड़ रुपए नॉर्मल सेंट्रल एसिस्टेंस के रूप में दिए गए थे, जबकि 325 करोड़ रुपए केंद्रीय कर के तौर पर आवंटित हुए थे।

मनोज तिवारी से जब 48 हजार करोड़ के आंकड़े के स्रोत के बारे में पूछा गया, तो बे स्त्रोत नहीं बता पेय बोले ये मैन एक न्यूज चैनल में बताया था।

दिल्ली बजट के दस्तावेजों से जाहिर है कि राष्ट्रीय राजधानी 95 फीसदी से अधिक का राजस्व अपने खुद के स्रोतों से पैदा करती है, जिसमें कर और एक्साइज ड्यूटी शामिल हैं। यानी दिल्ली बीजेपी मुखिया ने जो तथ्य पेश किए थे, वे गलत हैं।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मनोज तिवारी कर झूठ की पोल खोल वाली न्यूज को रिट्वीट करते हुए मीडिया से भी की अपील कि इसे सिर्फ ट्वीटर पर ही नहीं बल्कि TV पर भी दिखाएं, “ये fact check केवल twitter पे मत लिखना। मनोज तिवारी जी किस तरह खुले आम जनता को सफ़ेद झूठ बोल रहे हैं, ये बात TV में भी प्लीज़ सबको बता देना।”

सीएम केजरीवाल ने BJP अध्यक्ष मनोज तिवारी को भी मुहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि आंकड़ों के हिसाब से केंद्र ने दिल्ली को मात्र 325 करोड़ रुपये दिए हैं लेकिन फिर भी इस पर बहस की जरूरत नहीं ये 10,000 करोड़ रुपये केंद्र सीधे MCD को भेज दे हमारे जरिये भेजने की जरूरत नहीं। और अगर केंद्र सरकार सीधे MCD को पैसे भेज देगी तो दिल्ली सरकार को पैसे देने की कोई जरूरत ही नहीं होगी ना।

मनोज तिवारी के झूठ की पोल खुलने के बाद शर्मिंदगी के कारण मीडिया से फिलहाल इस मुद्दे पर कोई बात करने को तैयार नहीं हैं। केंद्र द्वारा दिल्ली को 48 हजार करोड़ रुपये देने का कोई सबूत नहीं दे पाए हैं। जबकि खुद वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश बजट के दस्तावेज बता रहे हैं कि दिल्ली को केंद्र से सिर्फ 325 करोड़ रुपये ही मिलते हैं। अब यह देखना होगा कि क्या सीएम केजरीवाल की गुज़रिश पर मीडिया वर्ग मनोज तिवारी के झूठ को टेलीविज़न पर जनता के सामने लाता है या नहीं।



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