#CBIVsCBI मामले में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला है मोदी सरकार के मुँह पर करारा तमाचा। केजरीवाल ने की SC के फैसले की सराहना। संजय सिंह ने कहा मोदी जी कितनी भी कोशिश कर लें #Rafaledeal महाघोटाले का सच सामने आकर रहेगा।

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सुप्रीम कोर्ट का फैसला मोदी सरकार को बड़ा झटका

CBI मामले में चौतरफा घिरी मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बड़ा झटका लगा है। आज CBI निदेशक आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया है कि CVC को 2 हफ्ते के भीतर आलोक वर्मा मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट जमा करनी होगी यही नहीं यह जांच रिटायर्ड जज कक निगरानी में होगी। और आलोक वर्मा की वापस नियुक्ति जल्द ही सम्भव है। मोदी सरकार द्वारा आलोक वर्मा को हटाकर नए CBI निदेशक के तौर पर नियुक्त किये गए नागेश्वर राव पर रोक लगाते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि वे कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकते हैं वे मात्र एडमिनिस्ट्रेटिव हेड होंगें। साथ ही नियुक्ति पश्चात आनन-फानन में नागेश्वर राव द्वारा अभीतक जो भी फैसले लिए हैं उन्हें कोर्ट में जमा कराना होगा, कोर्ट उनकी परख करेगी।

केजरीवाल ने की #CBIVsCBI पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि “CBI मामले में मननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत है, यह देशहित में है। उम्मीद करता हूँ कि CBI संस्था की निष्पक्षता बनी रहेगी और सत्ता में बैठे लोगों को समझ आएगा कि उनके ग़ैरक़ानूनी फैसलों की तानाशाही नहीं चलेगी।”

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आप सांसद संजय सिंह ने PM मोदी पर हमला करते हुए लगाए बड़े आरोप

आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार पर जमकर हल्ला बोला है, आप सांसद संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पश्चात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया की सुप्रीम कोर्ट का फैसला मोदी सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है साथ ही उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि दरअसल CBI में चल रहा घमासान राफेल महाघोटाले को बचाने की एक साजिश है।

राफेल घोटाले और अपने मित्र CBI डायरेक्टर राकेश अस्थाना के भ्रस्टाचार को बचाने के लिए आनन-फानन में मोदी सरकार ने आलोक वर्मा को हटाया और एक जूनियर और भ्रष्ट अधिकारी को CBI का निर्देशक बना दिया। मोदी सरकार ने एक ईमानदार अफसर आलोक वर्मा को हटाकर उसकी जगह ऐसे आदमी को बिठा दिया जो ना तो CBI निदेशक बनने की योग्यता रखता है ऊपर से अब तो उसपर अपनी पत्नी के नाम पर फ़र्ज़ी कम्पनी बनाकर भ्रस्टाचार करने के सीधे आरोप लगे हैं। इस भ्रस्ट अधिकारी को अपनी कठपुतली बनाकर राफेल घोटाले की CBI जांच को दबाने की कोशिश कर रही है मोदी सरकार।

CVC ने स्वीकार कर ली थी AAP की शिकायत जल्द शुरू होने वाली थी #Rafaledeal की CBI जांच

25 मार्च, 2018 को संजय सिंह समेत आम आदमी पार्टी के तीनों सांसदों ने CBI निदेशक आलोक वर्मा से मिलकर राफेल घोटाले की CBI जांच की मांग की थी। इससे पहले 6 मार्च को भी तीनों आप सांसदों ने CVC के प्रमुख और CAG से मिलकर राफेल घोटाले की जांच की मांग की थी। 16 मई, 2018 को CVC ने संजय सिंह को पत्र लिखकर बताया कि उनकी शिकायत स्वीकार कर ली गयी है और राफेल के सम्बंध में रक्षा मंत्रालय को नोटिस जारी किया गया है।

आपको बता दें जब CVC कोई शिकायत स्वीकार करती है तो उसकी जांच CBI करती है और रक्षा मंत्रालय का जवाब आने के बाद जल्द ही 36 हजार करोड़ के इस राफेल घोटाले की जांच शुरू होने वाली थी जिससे मोदी सरकार घबरा गयी और आनन-फानन में CBI निदेशक को निकाल कर रात को 2 बजे दफ्तर से फाइल गायब करवायी और जासूसी भी करवायी जा रही है। संजय सिंह ने कहा कि इसीलिए मैंने नारा दिया है कि “चेहरे पर जो लाली है राफेल की दलाली है।”



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