केजरीवाल के मंत्री ने राशन की दुकान पर मारा छापा, पकड़ी लाखों की राशन चोरी।

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मंगलवार रात दिल्ली के खाद्य मंत्री इमरान हुसैन ने खाद्य विभाग की टीम के साथ नांगलोई में राशन की दुकान पर छापा मारकर लाखों की राशन चोरी पकड़ी है।

खाद्य विभाग के मुताबिक नांगलोई में राशन की इस दुकान (FPS-6669) पर 152 क्विंटल गेंहू और 38 क्विंटल चावल की डिलीवरी 15 नवंबर को हुई थी, जो दिसंबर माह में जनता को बांटा जाना था। किन्तु जब खाद्यमंत्री राशन की दुकान पर पहुँचे तो वहां राशन का एक दाना मौजूद नहीं था।

छापेमारी में खाद्य मंत्री को सारे कागजात मील जो इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि 15 नवम्बर को इस दुकान में राशन की डिलीवरी हुई थी। जबकि पड़ोस के लोगों का कहना है कि यहां कोई राशन नहीं आया। अतः यह साफ है कि रास्ते से ही राशन को चोरी कर लिया गया और सिर्फ कागजों में ही राशन की डिलीवरी सिर्फ कागजों में कर दी गयी है।

छापा मारने वाले केजरीवाल के मन्त्री इमरान हुसैन ने इसपर दुःख जताते हुए कहा कि “गरीब जनता को 1 दिसम्बर को राशन दिया जाना था। लेकिन पता चला है कि राशन को रास्ते में ही चुरा लिया गया है। हमने इस दुकान को सील कर FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इस भ्रस्टाचार में चाहे जो भी अधिकारी लिप्त हों चाहें ऐसी हों या एफएसओ या ट्रांसपोर्टर हो जो यहां माल पहुंचाता है उन सभी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करके उन्हें जेल भेजा जाएगा।”

दिल्ली सिविल सर्विस के 6 गोदाम हैं जहां से पूरी दिल्ली की 22 दुकानों में राशन पहुंचता है। लेकिन राशन वितरण में इतना भ्रस्टाचार व्याप्त है कि जनता तक पहुंचने से पहले ही राशन माफियाओं द्वारा राशन चोरी कर लिया जाता है। CAG ने अपने ऑडिट में भी यह साफ बताया था कि दशकों से दिल्ली में राशन की कालाबाजारी जारी है।

राशन में इसी भ्रस्टाचार के खात्मे के लिए केजरीवाल सरकार ने ‘राशन की होम डिलीवरी’ शुरू करने की घोषणा की थी। खुद CAG ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में इस बात पर मोहर लगाई थी कि अगर केजरीवाल सरकार की राशन की होम डिलीवरी स्किम लागू होती है तो इससे राशन की कालाबाजारी पर रोक लगेगी।अगर यह स्कीम दिल्ली में लागू हो जाती तो देश में पहली बार बंडलों में पैक कराकर खुद सरकार जनता के घरों में राशन की डिलीवरी करके आती।

लेकिन इसमें भी केंद्र की मोदी सरकार ने अपने LG के जरिये अड़ंगा लगा दिया। LG ने इस स्कीम को मंजूरी देने से इनकार कर दिया। हालांकि खुद मोदी सरकार ने अन्य राज्यों से इस स्कीम को लागू कर जनता के घर राशन डिलीवर करने की सलाह दी है। किंतु दिल्ली में इसे लागू होने पर रोक लगा दी है।

4 जून को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली सरकार के पक्ष में सुनाए गए फैसले के पश्चात केजरीवाल सरकार ने बिना LG की मंजूरी लिए अधिकारियों को राशन की होम डिलीवरी लागू करने का आदेश दिया था किन्तु खाद्य विभाग के सेक्रेटरी ने इस स्कीम को लागू करने की जगह केंद्र सरकार के पास मंजूरी लेने के लिए भेज दिया।



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