एक्शन मोड में हैं शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली में शिक्षा माफिया को खत्म करने को लाए ये नयी योजना।

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दिल्ली में छात्रों की सहूलियत के लिए दिल्ली सरकार द्वारा चलायी गयी स्कीमों का गलत तरीके से लाभ उठाने के लिए दिल्ली में शिक्षा माफिया सक्रिय हो गया है। इस माफिया को खत्म करने के लिए शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने नया प्लान तैयार किया है।

दरअसल इसका खुलासा तब हुआ जब एक सरकारी स्कूल में अचानक से सभी गाजियाबाद के बच्चे भर्ती हुए। इस पर दिल्ली सरकार ने सवाल उठाया तो जांच में पता चला कि ये सभी गाजियाबाद में पड़ते थे और एक MCD स्कूल की फर्जीवाड़े से दिल्ली के सरकारी स्कूल में आ गए।

मनीष सिसोदिया ने बताया कि जांच में उन्होंने पड़पडग़ंज के विनोद नगर में एक ऐसा ही स्कूल पकड़ा जिसमें मात्र 15-20 बच्चों के बैठने की जगह थी लेकिन उसमें 50 से ज्यादा बच्चों को एडमिशन दे रखा था। इसमें पढ़ने वाले सभी बच्चे 5वीं कक्षा तक गाजियाबाद में पढ़े हैं और उनका नाम दिल्ली के स्कूल में भी चल रहा था। सिसोदिया ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि हम जानना चाहते हैं कि ये फ्रॉड किस स्तर तक चल रहा है।

सिसोदिया के मुताबिक 2 स्कूलों की जांच में 54 से 61 फीसदी बच्चों के पते गलत पाए गए हैं। इसी को बेनकाब करने के लिए अभिभावकों से वोटर आईडी कार्ड मांगे गए हैं। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के लोगों को एडमिशन के लिए लम्बी-लम्बी लाइनें लगानी पड़ रही हैं क्योंकि ये लोग फ़र्ज़ी एडमिशन कराकर जगह घेर कर दिल्लीवालों का हक मार रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में इस तरह का कोई फ्रॉड चल रहा है तो दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी है कि इनको बंद करायें, तो मेरी दिल्ली वालों से अपील है कि जो एजुकेशन माफिया इसका विरोध कर रहा है उनके बहकावे में ना आएं और अपना सही पता दर्ज कराएं।

शिक्षा माफिया के इस खेल को खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार ने दिल्ली के सभी स्टूडेंट्स के एड्रेस का वेरिफिकेशन करने की योजना बनाई है। इस फॉर्म में उन्हें वोटर आईडी कार्ड या इस प्रकार की कोई भी आईडी एड्रेस प्रूफ के रूप में जमा करानी होगी।

लेकिन दिल्ली में फर्जी एडमिशन और EWS फर्जीवाड़ा करने वाला माफिया इसका विरोध कर रहा है। यहां तक कि स्वंय चुनाव आयोग ने चिट्ठी लिखकर कहा है कि दिल्ली सरकार पेरेंट्स के वोटर आईडी कार्ड को ऐड्रेस प्रूफ के लिए नहीं ले सकती।

जिस पर मनीष सिसोदिया ने सवाल उठाया कि हम एड्रेस प्रूफ के लिए आधार नहीं मांग रहे। लेकिन जब प्राइवेट टेलीकॉम कम्पनियां तक सिम देने से पहले वोटर आईडी को एड्रेस प्रूफ के लिए मांगती हैं और उन पर चुनाव आयोग को कोई आपत्ति नहीं तो फिर दिल्ली की चुनी हुई सरकार वोटर कार्ड से एड्रेस प्रूफ क्यों नहीं कर सकती।

सिसोदिया ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों को बेहतरीन बताया, जिसमें रोजाना 10 लाख बच्चे हैप्पीनेस क्लासेस लेते हैं। इसी से प्रभावित हो ऑस्ट्रिया ने हैप्पीनेस क्लासेस मॉडल को समझाने के लिए मनीष सिसोदिया को अपने यहां आने का निमंत्रण दिया था। किंतु मोदी सरकार की रोक के कारण वे नहीं जा सके। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हैप्पीनेस मॉडल को विश्वपटल पर रखा।

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