‘ केजरीवाल के मंत्री पर 100 करोड़ की टैक्स चोरी के आरोप का सच। 60 घण्टे चली इनकम टैक्स रेड, खोदा पहाड़ निकली चुहिया ! ‘

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दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के घर 10 अक्टूबर को सुबह साढ़े 7 बजे से शुरू हुई इनकम टैक्स की रेड 60 घण्टे से अधिक देर तक चली। इस रेड का क्या कारण था और रेड के पश्चात क्या किसी प्रकार की कोई अवैध सम्पत्ति बरामद हुई इस पर आयकर विभाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभीतक कोई जानकारी नहीं दी है, जो कि बेहद आश्चर्यजनक है आमतौर पर रेड के पश्चात आयकर विभाग के प्रवक्ता मीडिया को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी मुहैया कराते हैं लेकिन इस मसले पर उन्होंने आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।

मीडिया को व्हाट्सएप सूत्रों से मिली जानकारी :-


मंत्री के घर इनकम टैक्स की रेड खत्म होने के पश्चात सबसे पहले अमर उजाला में एक खबर छपी जिसमें मंत्री कैलाश गहलोत पर 100 करोड़ की टैक्स चोरी का आरोप, 35 लाख कैश, 2 करोड़ से अधिक के सोने के गहने, दुबई में घर से लेकर शैल कम्पनियों के कागजात समेत तमाम आरोप लगाए गए, गौर करने वाली बात यह है यह खबर आयकर विभाग के आज्ञात सूत्रों के आधार पर लिखी गयी थी। इसके बाद अन्य न्यूज वेबसाइट ने भी यह खबर छापी सभी ने सूत्रों के हवाले से एक ही दावा किया, किसी के भी पास पुख्ता सबूत या आयकर का आधिकारिक बयान नहीं था। अब अगर इन सूत्रों को व्हाट्सएप सूत्रों कहें तो कुछ गलत नहीं होगा क्योंकि जांच में ये मात्र अफवाह ही साबित हुई। खबर छापने से पहले किसी भी मीडिया ने इसकी पुष्टि करने की कोशिश तक नहीं कि।

टेलीविजन मीडिया में से एकमात्र ABP News ने सूत्रों के आधार पर यह खबर दिखाई। जो कि वाकई अपने आप में सवाल खड़े करता है, की क्यों बाकी मीडिया में से किसी ने ये खबर नहीं चलाई ? क्या सभी को मालूम है कि ये मात्र एक अफवाह है ? NDTV ने अपनी न्यूज वेबसाइट पर ये खबर डाली उन्होंने भी नाम ना बताने की शर्त पर आयकर के अज्ञात सूत्रों को ही आधार बना रिपोर्ट लिखी साथ ही बताया कि जब NDTV ने आयकर विभाग के प्रवक्ता सुभि अहलूवालिया से सम्पर्क किया की क्या मंत्री कैलाश गहलोत के यहां से क्या किसी प्रकार की कोई अवैध सम्पत्ति बरामद हुई है तो उन्होंने इस मामले पर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। क्या मुमकिन है कि आयकर विभाग के अधिकारी एक मन्त्री के घर पर 60 घण्टे तक उसको कैद करके रखें उसके पूरे परिवार को परेशान करें किसी से मिलने ना दें ना ही बात करने दें और 60 घण्टे बाद बाहर आकर मीडिया को कोई जवाब भी ना दें कि ये रेड क्यों कि गयी ? क्या मिला इस रेड में ? मन्त्री पर कोई केस क्यों नहीं किया गया ? उनकी 1 रुपये की भी सम्पत्ति जब्त क्यों नहीं कि गयी है ? पहले ऐसा मुमकिन नहीं था लेकिन आज तानाशाही का दौर है और मीडिया ने सवाल पूछना बन्द कर दिया है।

कौन हैं कैलाश गहलोत :-


44 साल के कैलाश गहलोत आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता हैं। वो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी माने जाते हैं। वर्ष 2017 में केजरीवाल ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में जगह दी थी। गहलोत वर्तमान दिल्ली सरकार में परिवहन समेत रेवेन्यू, इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी, कानून जैसे आधा दर्जन विभागों के मंत्री हैं।

केजरीवाल सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘डोर स्टेप डिलीवरी’ की देखरेख गहलोत जी ही कर रहे हैं ऐसी योजना दुनिया में पहली बार शुरू हुई है जिसे विश्वभर से प्रशंसा मिल रही है। गहलोत जी पर रेड का मुख्य कारण इस योजना की अभूतपूर्व सफलता ही मानी जा रही है। इसके अलावा गहलोत जी एक सफल वकील भी हैं और दिल्ली 20 विधायकों की अयोग्यता का केस भी वही लड़ रहे हैं जिसमें आए-दिन चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट से फटकार लगती रहती है। मुमकिन है कि इन्हीं सब वजहों से मन्त्री कैलाश गहलोत का हौंसला दबाने के लिए उनको 60 घण्टे तक रेड के बहाने प्रताड़ित करने की कोशिश की जा रही है।

60 घण्टे चली IT रेड खोदा पहाड़ निकली चुहिया :-


हमने भी जब आयकर विभाग से इस मसले पर टिप्पणी लेने के लिए सम्पर्क किया तो उन्होंने मंत्री की कितनी सम्पत्ति जब्त हुई इस पर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया जिससे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर आयकर विभाग सच्चाई को क्यों छिपा रहा है। जब बाकी सभी रेड पर आयकर विभाग सीना ठोककर बताता है कि कुछ ही घण्टों में उन्होंने कैसे भारी मात्रा में कालाधन और अवैध सम्पत्ति पकड़ी है फिर AAP के मंत्री के यहां 60 घण्टे से अधिक देर चली इस रेड के मामले में वो चुप्पी क्यों साधे है ? दरअसल आयकर विभाग मंत्री के खिलाफ जांच में खाली होने के कारण कुछ भी जवाब देने से बच रहा है।

जब हमने मंत्री कैलाश गहलोत से सम्पर्क किया तो पता चला कि आयकर विभाग ने मंत्री की 1 रुपये की भी अवैध सम्पत्ति जब्त नहीं कि है, क्योंकि आयकर विभाग 60 घण्टे से भी अधिक लम्बी इस रेड में कुछ भी गैरकानूनी ढूंढने में नाकाम रहा है। कैलाश जी के यहाँ पर जो 11 लाख रुपये नकद और 28 लाख की कीमत के उनकी पत्नी और 41 लाख की कीमत के उनकी माँ के गहने मिले हैं उनका पूरा हिसाब इनकम टैक्स के दौरान दिया जाता है अतः एकाउंटेड स्त्रोत से प्राप्त सम्पत्ति होने के कारण आयकर विभाग ने एक रुपया या एक भी गहना जब्त नहीं किया है सब मंत्री गहलोत को वापस लौटा दिया गया है।

कैलाश गहलोत जी राजनीति में आने से पहले एक सफल बिजनेस मैन थे लेकिन जब उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया तो अपनी सभी कम्पनियों से उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। अब उनका इन कम्पनियों से कोई सम्बन्ध नहीं है ना ही उनके घर में उन कम्पनियों के कोई दस्तावेज मिला जिनका फ़र्ज़ी खबर में आरोप लगाया जा रहा है।

आप नेताओं को प्रताड़ित करने के लिए मोदी सरकार का हथियार है रेड :-


अब सवाल खड़ा होता है कि क्या ये रेड सिर्फ मंत्री जी को परेशान करने के लिए ही करायी गयी थी क्योंकि ये AAP नेताओं पर पहली बार ऐसी रेड नहीं हुई है। इससे पहले खुद मुख्यमंत्री के दफ्तर पर रेड हुई, CBI 400 से अधिक फाइलें 6 माह तक दबाकर बैठी रही लेकिन एक सबूत ना ढूंढ़ पायी त्तपश्चात कोर्ट की फटकार पर वे 400 फाइलें मुख्यमंत्री केजरीवाल को वापस लौटाई गयीं। यही नहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर भी रेड हुई वे भी निर्दोष साबित हुए। और मंत्री सत्येंद्र जैन पर तो 2 बार रेड हो चुकी है जिसमें एक बार उनके कुत्ते के इलाज तक के कागजात जब्त कर लिए गए लेकिन कोर्ट में वे भी बाइज्जत बरी हो गए केंद्र की जांच एजेंसियां उनके खिलाफ एक भी सबूत ढूंढने में नाकाम रही थीं।

मंत्री इमरान हुसैन पर हो सकती है अगली रेड :-


केजरीवाल सरकार में जो भी मंत्री बेहतरीन काम करके दिखाता है उसको प्रताड़ित करने के लिए केंद्र में बैठी मोदी सरकार उसके ऊपर रेड करवाती रहती है। कहा जा है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के बाद अगली रेड पर्यावरण और खाद्यमंत्री इमरान हुसैन पर पड़ने वाली है क्योंकि वे केजरीवाल सरकार की महवाकांक्षी योजना ‘राशन की डोर स्टेप डिलीवरी’ पर काम कर रहे हैं। लेकिन कहते हैं ना सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। कोर्ट में हमेशा मोदी सरकार को मुँह की कहानी पड़ती है।

 



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