दिल्ली के सभी गांवों में बनेगी ग्राम विकास समिति, केजरीवाल कैबिनेट ने दिया आदेश

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दिल्ली कैबिनेट ने 300 शहरीकृत और ग्रामीण गांवों के विकास के लिए नया बोर्ड बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दिल्ली विलेज विकास बोर्ड बनाने की मंजूरी दी गई। दिल्ली विलेज विकास बोर्ड की स्थापना दिल्ली ग्रामीण विकास बोर्ड के स्थान पर की गई है। विकास मंत्री गोपाल राय ने बताया कि बहुत गांवों शहरीकृत हो जाने के कारण ग्रामीण विकास बोर्ड का कार्यक्षेत्र घट रहा था। अब नया बोर्ड बनने के बाद हर गांव में विकास के काम तेजी से हो सकेंगे।

पिछले बजट में दिल्ली सरकार ने स्मार्ट गांव बनाने के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया और कैबिनेट ने इस आधार पर सभी शहरीकृत व ग्रामीण गांवों के विकास के लिए बोर्ड बनाने को मंजूरी दी है। दिल्ली विलेज विकास बोर्ड के लिए वर्ष 2017-18 के लिए 600 करोड़ रुपए की राशि निर्धारित की गई है, जबकि पिछले वर्ष यह 132 करोड़ थी। गोपाल राय ने बताया कि अब दिल्ली के शहरीकृत और ग्रामीण दोनों ही तरह के गांवों में विकास कार्यों को आसानी से पूरा किया जा सकेगा। यह बोर्ड गांवों में संपर्क सड़कों के निर्माण, लिंक रोड का निर्माण, तालाबों और जल निकायों का विकास, श्मशान के स्थलों का विकास, उद्यानों और खेल के मैदानों का निर्माण, पुस्तकालयों और व्यायामशालाओं की स्थापना, चौपाल, बरात घर और सामुदायिक केंद्रों का विकास, पीने के पानी और स्ट्रीट लाईट के कार्यों की देखरेख करेगा।

दिल्ली सरकार के विकास मंत्री इस बोर्ड के पदेन अध्यक्ष होंगे और दो विधायक उपाध्यक्ष बनाए जाएंगे। दिल्ली के सभी मंत्री, सभी सांसद, सभी विधायक, एमसीडी के सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष, दिल्ली के मुख्य सचिव और कई अन्य अधिकारी बोर्ड के सदस्य होंगे। दिल्ली विलेज विकास बोर्ड ग्राम विकास समितियों (वीडीसी) का गठन करेगा। ग्राम विकास समितियों में प्रत्येक में 21 सदस्य होंगे, जिनका मनोनयन क्षेत्र के विधायक करेंगे। ये सभी सदस्य स्वैच्छिक आधार पर पूरी तरह से कार्य करेंगे। विलेज डिवेलपमेंट कमिटी (वीडीसी) और विधायकों के बीच समन्वय के लिए 16 सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति के अध्यक्ष और एक सह-अध्यक्ष बनाए जाएंगे, जो दिल्ली विलेज विकास बोर्ड के दो स्वतंत्र सदस्य होंगे।



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