LG रोक रहे है फाइलें, दिल्ली सरकार के कामों में हो रही है देरी

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दिल्ली सरकार एलजी ऑफिस के आउटकम पर 100 पेज से ज्यादा का वाइट पेपर दिल्ली विधानसभा में पेश कर रही है।आउटकम रिपोर्ट दो हिस्सों में तैयार की गई है।
रिपोर्ट के पहले हिस्से में सभी पॉलिसी और सरकार के प्रपोजल की मंजूरी में होने वाली देरी के एक-एक दिन का हिसाब-किताब बताया जाएगा। हर योजना को लेकर कैबिनेट की मंजूरी की डेट से एलजी ऑफिस भेजने, वहां से आए ऑब्जेक्शन और मंजूरी की डेट समेत पूरी जानकारी दी जाएगी।
रिपोर्ट के दूसरे हिस्से में सरकार के हर डिपार्टमेंट में खाली पड़े पदों के कारण काम प्रभावित होने के बारे में बताया जाएगा। सरकार का कहना है कि बड़े और अहम डिपार्टमेंट में 50 पर्सेंट या इससे भी ज्यादा पद खाली हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि सर्विसेज डिपार्टमेंट एलजी ऑफिस के दायरे में है। एलजी की जिम्मेदारी है कि खाली पदों को भरा जाए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एलजी ऑफिस की ओर से कई योजनाओं पर बिना वजह आपत्ति की गई है। यह सब योजनाओं को लटकाने के लिए किया गया था। हायर एजुकेशन लोन गारंटी स्कीम और डोर स्टेप डिलिवरी ऑफ सर्विसेज ऐसी ही दो योजनाएं हैं, जिनको लेकर एलजी ने अपना फैसला पलटा और सरकार के प्रपोजल में बिना किसी बदलाव के ही उन्हें मंजूरी दी गई। सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट में नियमों का हवाला देते हुए कहा गया है कि संविधान के मुताबिक एलजी किसी योजना या सरकार के प्रपोजल पर अपना अलग विचार जाहिर कर सकते हैं, लेकिन वे योजनाओं को रोक रहे हैं। सरकार के सभी नीतिगत फैसलों को एलजी को मंजूरी देनी ही होती है। सर्विसेज मैटर यानी भर्ती प्रक्रिया, प्रमोशन और खाली पदों की भर्ती का मामला एलजी के दायरे में आता है।
एलजी ऑफिस पर तैयार की गई आउटकम रिपोर्ट में एजुकेशन, हेल्थ, ट्रांसपोर्ट समेत हर सेक्टर की योजनाओं में हुई देरी और पेंडिंग केसों के बारे में ब्योरा दिया गया है।
इन योजनाओं में हुई देरी या मंजूरी नहीं
एजुकेशन डिपार्टमेंट
-गरीब स्टूडेंट्स के लिए लाई गई हायर एजुकेशन लोन गारंटी स्कीम को लागू होने में 400 से ज्यादा दिनों की देरी हुई
-शिक्षा निदेशालय के 13 एजुकेशन डिस्ट्रिक्ट में हर डिस्ट्रिक्ट के लिए एक-एक दानिक्स ऑफिसर नियुक्त करने के लिए 18 दिसंबर 2017 को लिखा गया लेकिन अब तक कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला
-स्कूलों में बेस्ट मिड डे मील के लिए अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ टाईअप से जुड़ी फाइल को मंजूरी के लिए 21 अगस्त 2017 को एलजी के पास भेजा गया था। इस पर अब तक कुछ नहीं हुआ है
हेल्थ डिपार्टमेंट
-2016-17 में किराए की जगह पर 101 मोहल्ला क्लिनिक शुरू करने वाली सरकार ने 1000 क्लिनिक का टारगेट फिक्स किया था। 122 दिनों की देरी के बाद 4 सितंबर 2017 को इस योजना को अप्रूवल मिली।
-स्कूलों में 500 आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक योजना को मंजूरी मिलने में भी 146 दिनों की देरी हुई।
-हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम को मंजूर नहीं किया गया।
पीडब्ल्यूडी-होम डिपार्टमेंट
-कम्युनिटी इवेंट्स, पल्यूशन इंडेक्स के बारे में लोगों को जानकारी देने और सरकार और जनता के बीच कम्युनिकेशन के लिए 600 एलईडी स्क्रीन लगाए जाने के कैबिनेट के फैसले को मंजूरी नहीं मिली है
-डिस्ट्रिक्ट लेवल कमिटी, थाना लेवल कमिटी गठित करने का मामला भी पेंडिंग है
तीर्थ यात्रा योजना
बुजुर्ग लोगों को तीर्थ यात्रा करवाने के मकसद सरकार ने 15 फरवरी 2018 को फाइल एलजी को मंजूरी के लिए भेजी लेकिन योजना अभी क्लियर नहीं की गई है। दिल्ली वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन का मामला भी अटका हुआ है।
डोरस्टेप डिलिवरी सर्विसेज
सरकारी सेवाओं की डोरस्टेप डिलीवरी के प्रपोजल को लेकर भी सरकार और एलजी ऑफिस के बीच जबर्दस्त विवाद देखने को मिला। सरकार ने 18 दिसंबर 2017 को यह फाइल एलजी के पास भेजी लेकिन 25 दिसंबर 2017 को एलजी ने इस योजना को नामंजूर करते हुए फाइल लौटा दी। सरकार ने फिर से फाइल सब्मिट की और 15 जनवरी 2018 को योजना को मंजूरी मिली। 
डिपार्टमेंट हैं खाली
रिपोर्ट के दूसरे हिस्से में खाली पदों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। बड़े डिपार्टमेंट में 50 पर्सेंट या इससे भी ज्यादा पद खाली हैं।
  • एजुकेशन में 45.23%,
  • पीडब्ल्यूडी में 39.55%,
  • ट्रांसपोर्ट में 62.73 %,
  • रेवेन्यू में 50.07%,
  • सोशल वेलफेयर में 47.95%,
  • लॉ डिपार्टमेंट में 86.76%,
  • आईटी में 53.18%,
  • रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटीज में 61.32%,
  • टूरिज्म में 28.57%,
  • आर्ट कल्चर डिपार्टमेंट में 63.6%,
  • प्लानिंग में 44.02%,
  • एक्साइज डिपार्टमेंट में 47.98 % पद खाली हैं।

सवाल – लोकतंत्र में जवाबदेही जनता के प्रति जब जनता दुआरा चुने हुए प्रतिनिधि का होता है तो LG कैसे बिना किसी जवाबदेही के जनता के कामों को कैसे रोक सकते है?

 



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