पूरे देश में बिजली बिल पर जनता को भरना होगा ‘5 गुना ज्यादा कैश’ जिससे मोदी जी के मित्र ‘अम्बानी-अडानी कर सकें ऐश’, बदले में BJP को मिलेगा भारी-भरकम चुनावी फंड। दिल्लीवाले भी नहीं उठा पाएंगे केजरीवाल की सस्ती बिजली का फायदा !

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केजरीवाल सरकार दिल्ली में पिछले साढ़े तीन साल से देश में सबसे सस्ती बिजली मुहैया करा रही ही। दिल्ली में पिछले साढ़े तीन साल में बिजली के दामों में कोई इजाफा नहीं किया गया है। यह इसलिए संभव हो पाया है क्योंकि ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित मामलों में ज्यादातर फैसले का अधिकार दिल्ली सरकार के पास था। लेकिन अब लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार इलेक्ट्रिसिटी संशोधन बिल ला ये अधिकार छीनने की तैयारी कर रही है। इस बिल के आने के बाद दिल्ली ही नहीं पूरे देश में बिजली के दाम 5 गुना बढ़ जाएंगे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि लोकसभा चुनाव से पहले इलेक्ट्रिसिटी एक्ट में संशोधन करने वाली है। केजरीवाल के मुताबिक कानून में संशोधन के बाद राज्य सरकारों की स्वतंत्रता समाप्त हो जाएगी और प्राइवेट कंपनियां मनमाने तरीके से बिजली के दाम बढ़ा सकेंगी। और बिजली बिल बढ़ाने के एवज में मोदी सरकार चुनाव लड़ने का फंड एकत्रित करेगी। ऐसी अफवाह है कि ये बिजली कंपनियां इसके बदले में चुनाव के लिए केंद्र की सरकार को भारी-भरकम फंड देंगी।

इस नए बिल के जरिये मोदी सरकार सभी तरह की क्रॉस सब्सिडी/ स्लैब रेट खत्म करने जा रही है। सरल शब्दों में समझाया जाए तो इस वक़्त सभी राज्यों में बिजली के घरेलू उपभक्तों को इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं की तुलना में सस्ती बिजली है, किसानों को सस्ती बिजली दी जाती है। हर राज्य में अलग-अलग स्लैब होने हैं 0-200 यूनिट पर एक रेट, 200-400 यूनिट बिजली का दूसरा रेट 400 से अधिक यूनिट इस्तेमाल पर अलग रेट होता है जिससे कम बिजली उपयोग करने वाले को कम बिल भरना पड़ता है। लेकिन इन सभी स्लैब को अब मोदी सरकार खत्म करने जा रही है जिसका ना सिर्फ देश की आम जनता गरीब जनता पर बल्कि राज्य सरकारों पर भी बहुत बुरा असर पड़ेगा।

बिजली के क्षेत्र में इतिहास में पहली बार मोदी सरकार सट्टा बाजारी यानी फ्यूचर ट्रेडिंग शुरू करने जा रही है। अब यहाँ भी जुआ चलेगा जिसका फायदा सिर्फ और सिर्फ मोदी के दोस्तों को होगा और इसका बुरा असर पूरे देश की जनता को भुगतना पड़ेगा। जब कोंग्रेस सरकार ने कमोडिटी मार्केट में सट्टा बाजारी शुरू की थी तो सबने देखा कि कितनी सारी चीजों के दाम अनाप-शनाप बढ़ गए थे। अब बिजली के क्षेत्र में भी यही होगा, देश में बिजली के बिल में अनाप-शनाप बढ़ोतरी हो जाएगी।

उदाहरण के लिए दिल्ली में इस समय 200 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करने वालों को 1 रुपये प्रति यूनिट की रेट पर और 200-400 यूनिट इस्तेमाल करने वालों को 2.5 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली मिलती है जो मोदी सरकार का नया कानून लगने पर बढ़कर 7.40 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी। और अभी तो इसमें सट्टा बाजारी के कारण बढ़ने वाले दाम नहीं जोड़े हैं अगर वो जुड़े तो बिजली के 10 रुपये प्रति यूनिट तक चली जायेगी। यानी कि इसकी सबसे जबरदस्त मार देश के गरीब और मध्यमवर्गीय जनता पर पड़ेगी। और बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता की चीज उसके बजट से बाहर की बात हो जाएगी।

केजरीवाल ने कहा कि “मैं देश के हर मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखूँगा और हर नॉन BJP मुख्यमंत्री से मिलकर उनको यह बताऊंगा की किस तरह से देश के पावर सेक्टर को खत्म किया जा रहा है, मैं सभी से अनुरोध करूँगा कि मिलकर इसका विरोध करें। हम इसको किसी हालत में राज्यसभा में पास नहीं होने देंगे जरूरत पड़ी तो इस बिल के खिलाफ सड़कों पर भी उतरेंगे।”

केजरीवाल ने इशारों ही इशारों में PM मोदी के मित्र अम्बानी और अडानी पर हमला करते हुए कहा कि सब जानते हैं कि मोदी जी के दो दोस्तों की बड़ी-बड़ी बिजली कम्पनियां हैं जिनको फायदा पहुंचाने के लिए ये स्कीम लाई जा रही है। अडानी की बिजली कम्पनी पर तो जांच चल रही है कि इन्होंने सस्ते में कोयला खरीद कर उसके फ़र्ज़ी बड़े-बड़े बिल दिखाए देश में लाए और मुनाफा कमाया। इन सभी बिजली कम्पनियां का समय से ऑडिट होना चाहिए क्योंकि ये ऐसे ही फ़र्ज़ी बिल बनाकर खुद को घाटे में दिखाकर बिजली के दाम बढ़ाती रहती हैं। हमने दिल्ली में पिछले 3साढ़े तीन साल से बिजली के दाम नहीं बढ़ने दिए लेकिन अब मोदी जी ये खतरनाक बिल लाये हैं जिससे गरीब जनता, किसान तो क्या मिडल क्लास के लोगों के लिए भी बिजली भरना मुश्किल हो जाएगा।



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