क्लीन (सौर ऊर्जा) एनर्जी से रोशन होगी दिल्ली

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दिल्ली सरकार ने क्लीन एनर्जी की दिशा में कदम बढ़ाते हुए एक हजार मेगावॉट सोलर पावर खरीदने का फैसला किया है। सरकार और बिजली कंपनियों के बीच इस बारे में सहमति बन गई है। पावर मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने बताया कि केंद्र सरकार की एजेंसी से की से भी बात हो गई है। सरकार को उम्मीद है कि तीन रुपये प्रति यूनिट से कम रेट पर सोलर पावर मिलेगी।

पावर मिनिस्टर ने कहा कि पल्यूशन की समस्या के समाधान के लिए सोलर पावर एक बड़ा कदम साबित होगा। यह प्रोसेस पूरा करने में एक से डेढ़ साल का समय लगेगा। सरकार अभी एक हजार मेगावॉट के लिए तैयारी कर रही है। दिल्ली में पीक आवर में 6500 मेगावॉट और ऐवरेज 3000 मेगावॉट बिजली की जरूरत है। सोलर पावर का कुछ जगहों पर इस्तेमाल हो रहा है। दिल्ली सचिवालय में भी सोलर पावर का यूज किया जा रहा है। द्वारका में बहुत सारी सोसायटीज अब छतों पर सोलर पावर प्लांट लगा रही हैं। इसी तरह स्कूलों, हॉस्पिटल समेत सरकारी बिल्डिंगों में प्लांट लगाए जा रहे हैं।

अगले तीन महीने में प्रीपेड मीटर मिलने लगेंगे :
सरकार ने किरायेदारों को बिजली सब्सिडी का फायदा दिए जाने का रोडमैप तैयार कर लिया है। किरायेदारों को प्रीपेड मीटर का विकल्प दिया जाएगा और अगले तीन महीने में मीटर मिलने लगेंगे। प्रीपेड मीटर के साथ डॉक्युमेन्टेशन को सरल बनाया जा रहा है। अभी किरायेदारों को दस रुपये प्रति यूनिट तक का भुगतान करना होता है, लेकिन प्रीपेड मीटर के बाद उन्हें बिजली सब्सिडी का पूरा फायदा मिलेगा। प्रीपेड मीटर अप्लाई करने का प्रोसेस आसान होगा।



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