36 हजार करोड़ के ‘राफेल’ घोटाले पर आम आदमी पार्टी ने मांगा PM मोदी का ‘इस्तीफा’, पूछा देश चलाने आये थे या अम्बानी की दलाली करने ?

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खुद को सबसे बड़ा राष्ट्रवादी बताने वाली मोदी सरकार ने देश के रक्षा सौदे ‘राफेल’ में किया अबतक का सबसे बड़ा घोटाला !

राष्ट्रवाद की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली मोदी सरकार ने वायु सेना के राफेल विमान की खरीद में ही कर दिया अब तक का सबसे बड़ा घोटाला। इस पर आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर हल्ला बोला है।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तो राफेल पर संसद में विशेष सत्र बुलाने की मांग रख डाली। केजरीवाल ने कहा कि ये बेहद चौंकाने वाला है। देश के साथ इससे बड़ा धोखा और क्या हो सकता है ? प्रधान मंत्री जी जवाब दें कि उन्होंने अनिल अंबानी को क्यों थोपा? अनिल अम्बानी से प्रधान मंत्री जी का क्या रिश्ता है? राफेल घोटाले का पैसा किसकी जेब में गया – आपकी, अम्बानी की या किसी और कि ?

आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि पहले तो मोदी ये कहकर बचते रहे कि अम्बानी को राफेल का ठेका उन्होंने नहीं दिलवाया लेकिन अब फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति, जिनके समय में राफेल डील हुई, के खुलासे के बाद अब बात साफ हो गयी है कि मोदी जी ने 2 हफ्ते पहले बनी दिवालिया अनिल अम्बानी की कम्पनी रिलायंस डिफेंस के लिए दलाली की। और अम्बानी को फायदा दिलाने के लिए उन्होंने भारत की कम्पनी HAL जो पिछले 78 वर्षों से देश के रक्षा उपकरणों का निर्माण और देख रेख कर रही थी को राफेल डील से बेदखल कर दिया।

संजय जी ने बताया कि इस घोटाले में प्रत्येक विमान पर 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक की दलाली खायी गयी है। 526 करोड़ रुपये के जहाज के लिए 1600 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मोदी जी को ये स्पष्ट करना चाहिए की ये दलाली किसने खायी ? खुद मोदी जी ने खायी या BJP ने खायी या अनिल अंबानी ने खायी ? राफेल के नाम पर हुए भ्रस्टाचार का पैसा किसके पास पहुंचा ? किसके लिए उन्होंने देश को धोखा दिया ?

जब मैंने ये बात जनता के सामने रखी थी तो अनिल अंबानी ने मेरे ऊपर मानहानि का केस कर दिया था। अब वही बात फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति के खुलासे से साबित हो गयी है। अब इन सभी साक्ष्यों को मैं कोर्ट के सामने रखूंगा।

 

अबतक का सबसे बड़ा घोटाला ‘राफेल’ अब मोदी सरकार के गले की फ़ांस बन गया है। इस पर रोज नए खुलासे होने से मोदी सरकार चौतरफा घिरती नजर आ रही है। भ्रस्टाचार को खत्म करने के नाम पर सत्ता में आई मोदी सरकार द्वारा रक्षा सौदे में इतना बड़ा घोटाला ना सिर्फ चौंकाने वाला है बल्कि जनता को हताश और निराश भी कर रहा है। आगामी 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इसे बड़ा मुद्दा माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति के खुलासे के बाद क्या इस पर CBI जांच बैठती है और दोषियों पर कार्यवाही होती है या नहीं।



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