घर ले जा सकेंगे ड्राइविंग टेस्ट की रिकॉर्डिंग

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‘जो लोग टेस्ट नहीं पास कर पाएंगे, वे अगर चाहेंगे तो उन्हें टेस्ट की विडियो रिकॉर्डिंग भी दी जाएगी…’

• सराय काले खां में बन रहा पहला सेंटर जल्द शुरू होगा

• इसी साल जुलाई तक सभी 12 टेस्ट ट्रैक बनकर हो सकते हैं तैयार

• इन सेंटरों को बनाने का कारण लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाना है
सरकार ने इन सेंटरों को बनाने के लिए मारुति कंपनी के साथ एमओयू साइन किया है। एक ट्रैक करीब एक एकड़ एरिया में बनाया जा रहा है। अधिकारी का कहना है कि शेख सराय में जगह की कमी है और वहां पर ट्रैफिक के बीच में ही इंस्पेक्टर के सामने टू वीलर या फोर वीलर चलाकर दिखाना होता है और टेस्ट हो जाता है। इस तरह के टेस्ट में काफी कमियां होती हैं और यह टेस्ट एरर फ्री नहीं होता। लेकिन अब ऐसी सभी समस्याओं को दूर कर लिया जाएगा।

दिल्ली में कड़कड़डूमा कोर्ट के पास विश्वास नगर रोड पर डीटीसी टर्मिनल और लाडो सराय के डीटीसी टर्मिनल में भी ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर बनाए जाएंगे।

दिल्ली सरकार ने पिछले साल दिसंबर में जिन 12 जगहों पर ये सेंटर बनाने का फैसला किया था, उनमें से दो सेंटरों को शिफ्ट किया गया है। सूरजमल विहार की जगह अब कड़कड़डूमा कोर्ट के पास और हौजखास डीटीसी टर्मिनल की जगह लाडो सराय टर्मिनल पर ट्रैक बनाए जाएंगे।

सूरजमल विहार और हौजखास में जगह की समस्या सामने आई, जिसके चलते यहां पर ट्रैक बनाने का प्रपोजल दूसरी जगह के लिए शिफ्ट किया गया है।

दिल्ली में आने वाले समय में परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर होने वाले टेस्ट को पास करना कंपल्सरी होगा। रोड सेफ्टी के सभी पैरामीटर को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए टेस्ट को पास करने के बाद ही लाइसेंस मिल सकेगा और पूरे टेस्ट की विडियो रिकॉर्डिंग होगी। कार के अंदर भी कैमरा होगा ताकि यह पता चल सके कि लाइसेंस के लिए अप्लाई करने वाला ही टेस्ट देने आया है।

सराय काले खां में बन रहे पहले टेस्ट सेंटर को जल्द शुरू किया जाएगा और जुलाई तक सभी 12 सेंटर शुरू होने की उम्मीद है। शकूर बस्ती, राजा गार्डन, मयूर विहार फेज 1, प्रताप नगर, हरि नगर, द्वारका, रोहिणी और झड़ौदा कलां में ये ट्रैक बनाए जाएंगे। एक टेस्ट सेंटर को बनाने में करीब एक करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि इन सेंटर को बनाने का कारण लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाना है। लाइसेंस बनवाने में गड़बड़ी की शिकायतों को दूर करने के लिए यह फैसला लिया गया था।

जो लोग टेस्ट नहीं पास कर पाएंगे, वे अगर चाहेंगे तो उन्हें टेस्ट की विडियो रिकॉर्डिंग भी दी जाएगी ताकि उन्हें पता चल सके कि टेस्ट पास न करने के क्या कारण रहे हैं।



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