EVM के बाद अब वोटर लिस्ट में धांधली, AAP MLA के परिवार सहित करीब 7 लाख दिल्लीवालों का नाम वोटर लिस्ट से काटा गया। केजरीवाल ने पूछा- क्या इस तरह अमित शाह चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं ?

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खासतौर उन पोलिंग बूथ के वोट हजारों की तादाद में काटे गए हैं जहां पिछले 4 वर्षों से आम आदमी पार्टी को 90 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिलते आए हैं। – राघव चड्डा

बृहस्पतिवार को दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त OP रावत को पत्र लिख BJP के इशारे पर दिल्ली के लाखों लोगों का नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने की जानकारी दी और उनसे इस मामले में सख्त कार्यवाही कर कटे गए जायज नामों को वापस वोटर लिस्ट में जोड़ने हेतु स्वयं चुनाव आयोग से बातचीत को समय मांगा।

केजरीवाल ने चुनाव आयुक्त को लिखे अपने पत्र में बताया “हमारी जानकारी में आया है कि लाखों की मात्रा में लोगों का नाम बिना जांच के वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। नाम काटने से पहले कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनायी गयी है।”

दक्षिणी दिल्ली के आप के लोकसभा प्रभारी राघव चड्डा ने बताया कि उनके पास जनता शिकायत लेकर आ रही थी कि उनका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है तब उन्हें इस मामले की जानकारी मिली जब उन्होंने जांच की तो पता चला कि खासतौर उन पोलिंग बूथ के वोट हजारों की तादाद में काटे गए हैं जहां पिछले 4 वर्षों से आम आदमी पार्टी को 90 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिलते आए हैं।

मामले सामने आने पर खुद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जब 9 मामलों की जांच करायी तो साफ तौर पर वोटर लिस्ट में की जा रही बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ। इन मामलों में अधिकारियों ने अपनी गलती मानी और काटे गए नामों को वापस वोटर लिस्ट में डालने की बात कही।

लेकिन यह सिर्फ 9 मामलों की बात नहीं साउथ दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से 1 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। इसी प्रकार पूरी दिल्ली में कुल 7 लोकसभा क्षेत्रों से करीब 7 लाख लोगों के नाम काट दिए गए हैं। यही वजह है कि अब आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग का रुख किया है।

यही नहीं इस कड़ी में AAP विधायकों को भी नहीं छोड़ा गया। तुगलकाबाद से आप विधायक सही राम ने बताया कि उनकी चाची, भाभी और खुद उनके बेटे का नाम बिना बताए वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। जबकि ये सभी उनके साथ ही रहते हैं। मतदाता सूची से किसी का नाम काटने की प्रक्रिया बहुत जटिल है इसमें कुल 9 चरणों पर जांच के बाद ही किसी का नाम हटाया जा सकता है लेकिन दिल्ली में गैरकानूनी तरीके से 7 लाख लोगों का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सीधे BJP पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि “क्या इस तरह अमित शाह चुनाव जीतने की तैयारी कर रहे हैं? EVM और वोटर लिस्ट से छेड़छाड करके?”

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह सब BJP के इशारे पर किया जा रहा है। जिन इलाकों में AAP का वोट प्रतिशत ज्यादा है वहां के ज्यादातर वोटरों का नाम लिस्ट से काट दिया गया है। इनमें से ज्यादातर का नाम 2015 विधानसभा में आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद हटाया गया है। अपनी हार के डर से BJP जनता का वोट देने का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अधिकार छीन रही है।



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